पौष्टिक आहार भगाता है थकान

अक्सर हम थकान को हल्के से लेते हैं जबकि इसे नजरअंदाज करना गंभीर समस्या का सूचक बन सकता है। हमारी जीवनशैली और हमारी लापरवाही थकान को और बढ़ा रही है। शारीरिक नियमित व्यायाम, सक्रिय जीवन शैली और पौष्टिक आहार लेकर हम इस समस्या पर काबू पा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार 5 में से 1 व्यक्ति हल्की थकान और 10 में से 1 लंबे समय तक रहने वाली थकान से परेशान हैं। हर समय थका महसूस करने से जीवन की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है। थकान शरीर के साथ मानसिक भी होती है। अगर हम थकान का कारण जान लें और उसे दूर करने का प्रयास करें तो हम इस समस्या से स्वयं को बचा सकते हैं।
जानिए थकान के कारण:-
– वायरल बुखार, डायरिया और अनीमिक होना।
– विटामिंस और मिनरल्स की कमी होना।
– मानसिक तनाव, चिंता होना या नींद का पूरा न होना।
– Ðदय रोग होने से।
– थायराइड ग्रंथियों का ठीक तरह से काम न करने पर।
– पेट और छाती के संक्रमण से।
– अधिक वजन होना या कम वजन होने से।
– लंबे समय तक दर्द निवारक गोलियों के सेवन।
– असक्रिय जीवन शैली।
– दवाओं के दुष्प्रभाव।
– रक्त में शुगर लेवल के अधिक बढ़ने से।
– अधिक अल्कोहल या कैफीन के सेवन से।
कैसे बचें थकान से:-
– ध्यान, योग, लंबे गहरे सांसों को लेने से मन और शरीर शांत रहता है।
– अपने भोजन में फल और सब्जियों का नियमित सेवन करें।
– कैफीन और अल्कोहल का सेवन कम करें। चाय-काफी, पेन किलर, साफ्ट ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक्स में भी कैफीन होता है।
– व्यायाम के कुछ देर बाद एक गिलास पानी ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। इसे लेना ध्यान रखें।
– अपनी ऊर्जा का स्तर बनाए रखने हेतु हर 3 से 4 घंटे बाद कुछ पौष्टिक लें।
– नियमित व्यायाम करें, सक्रिय रहें। एक सप्ताह में ढाई घंटे का व्यायाम अवश्य करें।
– पौष्टिक आहार लें जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, मिनरल और विटामिन्स संतुलित मात्रा में हो।
– वजन पर नियंत्राण रखें। अधिक वजन से दिल पर अधिक दबाव पड़ता है और थकान जल्दी महसूस होती है।

आयरन की कमी:-
शरीर में आयरन की कमी होने से भी थकान अधिक होती है। पुरूषों का हीमोग्लोबिन स्तर 14-18 ग्राम/डीएल और महिलाओं में 12-16 ग्राम/डीएल होना चाहिए। आयरन की कमी शरीर में है या नहीं, इसकी जांच रक्त जांच से करवाई जा सकती है। उक्त स्तर से आयरन की कमी कुछ कम हो तो मांस, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन नियमित करें। भुने चने और किशमिश का सेवन करे। लोहे के बर्तन में सब्जियों को पकाएं। अधिक कमी होने पर डाक्टर से परामर्श करें। आयरन की कमी होने पर शरीर को ठीक तरह से काम करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
न लें एनर्जी ड्रिंक्स:-
एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और शुगर की अधिक मात्रा होती है, कुछ समय तक तो इनके सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है, बाद में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इनके सेवन से शुगर बढ़ सकता है, ब्लड प्रेशर और वजन भी बढ़ सकता है। मल्टी विटामिंस गोलियां भी डाक्टर की सलाह पर लें। पौष्टिक भोजन लेना ही सबसे अच्छा है।
बच्चों में थकान के कारण:-
बच्चों में थकान के भी कई कारण हैं जैसे टांसिल्स का होना जिससे नींद पूरी नहीं होती और दिन में बच्चा थका महसूस करता है। बच्चों में पौष्टिक कमी होने से, नींद पूरी न होने से, गले, छाती, आंत में इंफेक्शन होने से, खून की कमी होने से, विटामिन्स मिनरल्स की कमी से, टीबी या किडनी रोग होने पर भी थकान महसूस होती रहती है।
बच्चों से अधिक अपेक्षा होने पर भी उनके दिमाग पर दबाव पड़ता है और अपेक्षा पूरी न होने पर बच्चे मानसिक रूप से डिप्रेस होते हैं और मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं। अधिक खेलने से भी बच्चे थकान महसूस करते हैं। अधिक समय तक वीडियो गेम, टीवी देखने, कंप्यूटर पर अधिक देर तक काम करने से भी बच्चों में सक्रियता कम होती है और थके रहते हैं।

