तैलीय त्वचा की विशेष देखभाल

गर्मियां आते ही तैलीय त्वचा वाले लोगों को चिंता सताने लगती है कि वे स्वयं को इससे कैसे बचा सकें क्योंकि गर्मियों में तैलीय ग्रंथियां अधिक सक्रिय होती हैं और पसीना अधिक आता है।
आज के प्रदूषण भरे वातावरण में तेल और पसीना त्वचा पर जमा होकर त्वचा को तैलीय बना देता है जिससे धूल मिट्टी के कण उस पर कब्जा जमा लेते हैं और त्वचा से संबंधित कई रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में आवश्यकता होती है त्वचा की विशेष देखभाल की।
त त्वचा पर आॅयल का प्रभाव कम रहे, इसके लिए दिन में तीन से चार बार ताजे पानी से मुंह धोएं और नर्म टावल से पानी सोखंे, पोंछें नहीं। आॅयल फ्री फेशवाॅस का प्रयोग करें। गर्मियों में ग्लिसरीन युक्त सोप प्रयोग न करें।
त तैलीय त्वचा को सफाई की विशेष जरूरत होती है इसलिए क्लींंिजंग पर विशेष ध्यान दें जिससे त्वचा पर जमी धूल मिट्टी, मेकअप के कण और मृत त्वचा साथ-साथ हट जाती है और त्वचा के छिद्र साफ हो जाते हैं। ऐसा करने के लिए सप्ताह में एक बार लाइट स्क्रब का प्रयोग करें। क्लींजिंग उचित तरीके से करेंगे तो ब्लैकहैड्स की समस्या से बचे रहेंगे।
त यदि आप कामकाजी हैं तो अपने पर्स में वैट टिश्यू का पैकेट रखें ताकि दिन में दो तीन बार चेहरा साफ कर सकें जिससे धूल मिट्टी जमने न पाए। अपने पास गुलाब व लैवेंडर बेस वाला स्किन टाॅनिक रखें।

त तैलीय त्वचा वाले लोगों को तनावमुक्त रहना चाहिए। तनाव त्वचा पर कुप्रभाव डालता हैं। तनावमुक्त रहने के लिए योग और ध्यान नियमित करें।
त फाइबर युक्त भोजन तैलीय ग्रंथियों को आसानी से नियंत्राण करता है इसके लिए सुबह शाम खूब सलाद खायें, चोकरयुक्त आटे की चपाती लें, ब्राउन ब्रेड का सेवन करें, दलिया खाएं।
त तैलीय त्वचा वालों को मेकअप का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।
त रात्रि में सोने से पहले त्वचा अवश्य साफ करें। नियमित सफाई से चेहरे पर कील मुंहासे नहीं पनपते।
त तैलीय त्वचा के लिए चावल के आटे में पुदीने का अर्क तथा गुलाबजल मिलाकर चेहरे पर 10 मिनट तक लगाएं। फिर हल्के हाथों से गोलाई में घुमाते रहें और 10 मिनट बाद चेहरा धो लें।
त त्वचा के सीबम आॅयल को कंट्रोल करने के लिए अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
त तैलीय त्वचा के लिए चाय काफी नुक्सानदायक होती है। इसका सेवन कम से कम करें।
त भोजन में नियमित रूप से संतरा, नींबू व आंवला का सेवन करें।

