RTGS (आरटीजीएस) की सुविधा अब 24X7 उपलब्ध, घर बैठे कभी भी सबसे तेजी से भेज सकेंगे बड़ी रकम

नई दिल्ली, भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई (RBI) ने ग्राहकों को बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट RTGS (आरटीजीएस) सिस्टम को साल के 365 दिन 24 घंटे के लिए लागू कर दिया है। इस शुरुआत के साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां यह सुविधा दिन-रात काम करती है। 2004 में तीन बैंकों के साथ RTGS (आरटीजीएस) सुविधा शुरू हुई थी। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा डिजिटलीकरण अभियान की वजह से पिछले कुछ समय में डिजिटल लेन-देन तेजी से बढ़ा है। कोरोना वायरस महामारी के इस दौरान में संक्रमण से बचने के लिए अधिकतर लोग डिजिटल ट्रांजैक्शन का ही सहारा ले रहे हैं।
RTGS (आरटीजीएस) की शुरुआत 26 मार्च 2004 को हुई थी। उस समय केवल 4 बैंक ही इस सेवा से जुड़े थे। लेकिन अब देश के 237 बैंक इस सिस्टम के जरिए 4.17 लाख करोड़ रुपए के लेन-देन को प्रतिदिन पूरा करते हैं। नवंबर में आरटीजीएस से औसत 57.96 लाख रुपए का लेनदेन हुआ। फिलहाल दूसरे और चैथे शनिवार को छोड़कर महीने के सभी कार्यदिवस पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक RTGS (आरटीजीएस) की मदद से फंड ट्रांसफर किया जाता है।
RTGS (आरटीजीएस) बड़े ट्रांजेक्शंस में काम आता है। RTGS (आरटीजीएस) के जरिए 2 लाख रुपए से कम अमाउंट ट्रांसफर नहीं हो सकता है। इसे ऑनलाइन और बैंक ब्रांच दोनों माध्यमों से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें भी किसी तरह का फंड ट्रांसफर शुल्क नहीं हैं लेकिन ब्रांच में RTGS (आरटीजीएस) से फंड ट्रांसफर कराने पर शुल्क देना होगा। केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर में RTGS (आरटीजीएस) सिस्टम को 24 घंटे काम करने वाली सिस्टम बनाने की घोषणा की थी। एक बैंक से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के कई सारे विकल्प मौजूद हैं। इनमें सबसे ज्यादा पॉपुलर (आरटीजीएस) RTGS, NEFT (एनईएफटी) और IMPS (आईएमपीएस) है। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में ही NEFT (एनईएफटी) को भी 24 घंटे के लिए शुरू किया गया था। RTGS (आरटीजीएस) बड़ी राशि के इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन में काम आने वाली सिस्टम है, जबकि NEFT (एनईएफटी) से 2 लाख रुपए तक का ही ऑनलाइन लेन-देन किया जा सकता है।

