हिंसा करने वाले किसानों पर कारवाई, 22 एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली, गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड के नाम पर देश की राजधानी दिल्ली में किसानों ने जमकर हुड़दंग मचाया। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का एक समूह तय किये गये मार्ग से हटकर ट्रैक्टरों के साथ लाल किला पहुंच गया तथा उस स्तंभ पर निशान साहिब व किसान झंडा फहरा दिया, जहां 15 अगस्त को प्रधानमंत्री भारत का तिरंगा फहराते हैं। लाल किले में घुसे प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया और टिकट काउंटर में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने रात करीब साढ़े 10 बजे तक प्रदर्शनकारियों से लाल किला को खाली कराया व किसान झंडे को भी हटा दिया।
इस मामले को गम्भीरता से लेते हुये केंद्रीय गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है और पुलिस अधिकारियों को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही घटना में घायल पुलिसकर्मियों को अच्छा ईलाज उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार हिंसा वाले इलाकों में फिलहाल हालात काबू में हैं। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गृह मंत्रालय जरूरत पड़ने पर और भी पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर सकता है।
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने बताया है कि मंगलवार को हुई हिंसा में 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं व गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है तथा इन पर दिल्ली में हिंसा करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने का आरोप गलाये गये हैं तथा किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के सिलसिले में अब तक 22 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

